अध्याय 1 संबंध एवं फलन समुच्चय (Sets) - वस्तुओं का सुपरिभाषित संग्रह समुच्चय कहलाता है । जैसे - A={1,2,3} उपसमुच्चय (Subset) - यदि समुच्चय A का प्रत्येक अवयव, समुच्चय B का भी एक अवयव है तो A,B का उप समुच्चय कहलाता है । जैसे - A={1,2,3} B={1,2,3,4,5} A ⊂ B कार्तीय गुणन (cartesian product) - दो समुच्चय A तथा B का कार्तीय गुणन एक ऐसा समुच्चय हैं जिसके सभी अवयव क्रमित युग्म (a,b) में होते हैं जहा a∈A और b∈B A={1,2,3} B={5} A×B= {(1,5),(2,5),(3,5)} संबंध (Relation) - किसी अरिक्त समुच्चय A से अरिक्त समुच्चय B में संबंध R कार्तीय गुणन A×B का एक उपसमुच्चय होता हैं अर्थात R⊂A×B A={1,2,3} B={5} A×B= {(1,5),(2,5),(3,5)} R1 = {(1,5)} R2 = {(2,5)} R3 = {(3,5)} R4 = {(1,5),(2,5)} R5 = {(2,5),(3,5)} R6 = {(1,5)(3,5)} R7 = {(1,5),(2,5),(3,5)} R8 = { } संबंध के प्रकार (Types of relation) स्वतुल्य संबंध (Reflexive relation) - यदि समुच्चय ...
Comments
Post a Comment